सम्पन्न की गई विभिन्न विस्तार गतिविधियां निम्नानुसार हैं :

कृषक दिवस

रायतू गोष्ठी

फील्ड दिवस

गांव में किसानों की बैठकें

अग्र पंक्ति प्रदर्शन

आगंतुक सेवा

प्रौद्योगिकियों को पहुंचाने के लिए मीडिया मंे भागीदारी

मुद्रण माध्यम

टेलीविज़न

आकाशवाणी

बाहर आयोजित किसान मेलों में भागीदारी

भागीदारीपूर्ण अरण्ड बीज उत्पादन

किसान मेला : यह मेला तिलहन अनुसंधान निदेशालय के मुख्य परिसर में एक वर्ष छोड़कर आयोजित किया जाता है| सामान्यत: इस मेले में लगभग 1200 से 1500 किसान भाग लेते हैं| मेले के दौरान एक प्रदर्शनी आयोजित की जाती है जिसमें कृषि, पादप सुरक्षा और बीजों से संबंधित निजी सार्वजनिक क्षेत्र के संगठन भाग लेते हैं और तिलहनों से संबंधित अपने उत्पादों का प्रदर्शन करते हैं |

रायतू गोष्ठी : यह प्रति वर्ष 16 जुलाई को 'भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के स्थापना दिवस' के अवसर पर आयोजित की जाती है | इस गोष्ठी में लगभग 50 किसान भाग लेते हैं | गोष्ठी के दौरान किसानों और वैज्ञानिकों के बीच परिचर्चा बैठक होती है, ताकि तिलहन उत्पादन प्रौद्योगिकी पर ज्ञान का प्रचार-प्रसार किया जा सके| किसानों को निदेशालय के फार्म में प्रदर्शन प्लॉट भी दिखाए जाते हैं |

प्रकाशन

अंगे्रजी में : अधिदेशित फसलों पर उत्पादन प्रौद्योगिकी बुलेटिन नियमित रूप से प्रकाशित किए जाते हैं|

पत्र्क : ये दस्ती प्रकाशन नियमित रूप से अंगे्रजी, हिन्दी और तेलुगू (स्थानीय भाषा) में प्रकाशित किए जाते हैं और जो किसान तिलहन अनुसंधान निदेशालय के भ्रमण पर आते हैं उन्हें ये पत्र्क उपलब्ध कराए जाते हैं|

अन्य : सूरजमुखी की बीजोत्पादन प्रौद्योगिकी पर अंगेजी में फिल्में तैयार की गई हैं