स्थापना का वर्ष- 1972

परियोजना समन्वयक

1-   डॉ. वी. रंगाराव

2-   डॉ. डी.एम. हेगड़

3-   डॉ. के. एस. वरप्रसाद, परियोजना निदेशक, तिलहन अनुसंधान निदेशालय- 1.5.2011 से कार्यरत

 

अधिदेश

  • आनुवंशिक स्रोतों का मूल्यांकन
  • जैविक व अजैविक प्रतिबलों के प्रतिरोध से युक्त क्षेत्र विशिष्ट उच्च उपजशील किस्मों/संकरों का विकास
  • उत्पादन बढ़ाने के लिए आर्थिक रूप से व्यावहारिक उत्पादन व सुरक्षा प्रौद्योगिकियों का विकास
  • बहुस्थानिक परीक्षणों के माध्यम से राष्ट्रीय व क्षेत्रीय दृष्टि से महत्वपूर्ण संकरों/किस्मों और प्रौद्योगिकियों का मूल्यांकन
  • राष्ट्रीय संस्थाओं और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के बीच वैज्ञानिक सूचना का आदान-प्रदान, अंतर-संस्थागत और अंतर-विषयगत सम्पर्कों के लिए आधार उपलब्ध कराना
  • उन्नत प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन
  • उन्नत किस्मों तथा संकरों के जनकों के प्रजनक बीजों का उत्पादन

पते

केन्द्र
 

विश्वविद्यालय/संगठन जिससे सम्बद्घ हैं

राज्य
 

अकोला

पी डी के वी

महाराष्ट्र

अन्नीगेरी

यू एस (डी)

कर्नाटक

इंदौर

आर वी एस के वी वी

मध्य प्रदेश

परभणी

एम यू

महाराष्ट्र

फाल्टन

निम्बकर कृषि अनुसंधान संस्थान

महाराष्ट्र
 

रायपुर

आई जी के वी वी

छत्तीसगढ़

सोलापुर

एम पी यू

महाराष्ट्र

तंदूर

अंगारू

आंध्र प्रदेश