अधिदेश

• सूरजमुखी, कुसुम और अरण्ड जैसी अधिदेशित फसलों के आनुवंशिक संसाधनों के प्रबंध
• उत्पदकता, तेल अंश और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए मौलिक, कार्यनीतिपरक और व्यावहारिक अनुसंधान
• प्रौद्योगिकियों के टिकाऊपन के मूल्यांकन के लिए सामाजिक-आर्थिक अनुसंधान
• सूरजमुखी, कुसुम और अरण्ड में अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान नेटवर्क के माध्यम से बहु-स्थानिक अनुसंधान का समन्वयन
 

संक्षिप्त इतिहास

अप्रैल 1967 में भारत सरकार द्वारा नियुक्त उप समिति की सिफारिशों पर अखिल भारतीय समन्वित तिलहन अनुसंधान परियोजना की स्थापना भारत में तिलहन अनुसंधान के इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना थी। इस परियोजना का शुभारंभ मूंगफली, तोरिया-सरसों, तिल, अलसी और अरण्ड पर 32 अनुसंधान केन्द्रों में चल रहे अनुसंधान कार्यक्रमों के समन्वयन व निगरानी के लिए हुआ था। बाद में, 1972 के दौरान सूरजमुखी को इस समन्वित अनुसंधान परियोजना की छत्रछाया में लाया गया और अनुसंधान केन्द्रों की संख्या बढ़कर 40 हो गई। तिलहनों पर एक राष्ट्रीय संस्थान की आवश्यकता को अनुभव करते हुए अखिल भारतीय तिलहन समन्वित अनुसंधान परियोजना का स्तर 1 अगस्त 1977 को भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान कर दिया गया जिसका प्रशासनिक शीर्ष परियोजना निदेशक था और इन तिलहनी फसलों के लिए साथ परियोजना समन्वक थे। बाद में मूंगफली तथा तोरिया और सरसों को निदेशालय से अलग कर दिया गया क्योंकि इन दोनों फसलों के लिए 1979 और 1993 में क्रमश: राष्ट्रीय अनुसंधान केन्द्र स्थापित किए गए। अप्रैल 2000 में तिल और नाइजर पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना को भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान के प्रशासनिक नियंत्रण से अलग कर दिया गया।

हम तक कैसे पहुंचें

यह निदेशालय उप नगर राजेन्द्र नगर में स्थित है जो हैदराबाद रेलवे स्टेशन से 15 किमी, राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, शमशाबाद से 17 कि मी और केन्द्रीय बस अड्डे (महात्मा गांधी बस अड्डा) से 14 कि.मी. दूर है। भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान तक पहुंचने के लिए कृषि महाविद्यालय से चलने वाली रूट संख्या 95ए और 95 पी तथा पशु चिकित्सा महाविद्यालय से 94 आर या 94 एच रूट संख्या की एपीएसआरटीसी नगर बस की सेवाएं ली जा सकती हैं। ये दोनों महाविद्यालय भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान से आधा कि.मी. दूर हैं। भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान पहुंचने के लिए हवाई अड्डे/रेलवे स्टेशन/बस अड्डे से प्री-पेड टैक्सी या ऑटो रिक्सा भी लिए जा सकते हैं।